चिलम के धुआं को उड़ने दो, लोगो को खांस-खांस कर परेशान होने दो...व्यंग्य रचना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक व्यंग्य रचना सुना रहे है :
चिलम के धुआं को उड़ने दो-
लोगो को खांस-खांस कर परेशान होने दो-
बीडी की धुआ को निकलने दो-
भले ही नाक को खरखराने दो-
दारु की ढक्कन को खुला रहने दो-
लोगो को समय से पहले जाने दो...
