इंकलाब का परचम खोल आज बना ले आपना बोल...कविता-
ग्राम पंचायत-रिमारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैश्य एक कविता सुना रहे हैं:
इंकलाब का परचम खोल, आज बना ले अपना बोल-
अपनो ने ली तेरी जान, तू अपनी ताकत पहचान-
जय जवान और जय किसान, यह नारा मिलकर बोल-
मत सह चुप रहकर अन्याय, समझ ना अपने को निर उपाय-
तोड़ ये बेबसी की जंजीर, तू ही देश की है तकदीर-
अपना खून पसीना तौल, मेहनत का ले पूरा मोल...
