छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जाएंगे...बाल कविता-
कुमारी सुईया आयाम एक कविता सुना रही हैं:
छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जाएंगे-
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हम हरदम पढ़ने जाएंगे-
छोटे-छोटे हांथ हमारे गड्ढ़े खूब बनाएंगे-
उन गड्ढो में अच्छे सुंदर पौधे खूब सजाएँगे-
छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जाएंगे...
