गाँधी तू कहाँ गया, तेरा देश मिट रहा है...
गाँधी तू कहाँ गया
तेरा देश बंट गया
तेरे लोग बंट गए
जातिया बंट गयी
और अब तेरे राज्य भी बंट रहे है
गाँधी तू कहाँ गया
तेरा भारत टूट रहा है
नदिया बंट गयी
बंट गयी फसले
और अब तेरे जिले भी बंट रहे है...
गाँधी तू कहाँ गया
तेरा देश मिट रहा है
मिट गयी साझी विरासत
मिट गयी साझी संस्कृति
और अब तेरे साझे रिश्ते भी मिट रहे है ...
के एम भाई
