आना मेरे गाँव तुम्हे मै दूँगी फूल कन्हेर के...कविता-
म पंचायत-सिलफिली, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से प्रिया सिंह एक कविता सुना रही हैं :
आना मेरे गाँव तुम्हे मै दूँगी फूल कन्हेर के- कुछ कच्चे कुछ पक्के घर हैं, एक पुराना ताल है- सड़क बनेगी सुनती हूँ, इस कारण मेरी शान है- छत पे आना टीले ऊपर, कई पेड़ हैं बेर के- बाबा ने था पेड़ लगाया बापू ने फल खाये हैं- भाई कैसे उसे काटने को रहते ललचाये हैं...
