कलप-कलप मन रोवय हो, नोनी तोर बिना...छत्तीसगढ़ी प्रेम गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवा लाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी प्रेम विरह गीत सुना रहे हैं :
कलप-कलप मन रोवय हो, नोनी तोर बिना-
पांव के पैरी ल देदा चिनहा-
बने महल ते दुवारी नईयय वो-
घर हबे सुना ते सुवारी नईयय वो-
कलप-कलप मन रोवय हो, नोनी तोर बिना...
