क्रांति कर नारा गूंजी धरती आसमान से... क्रांति गीत-
ग्राम-मनातु, पंचायत-बामंदा, तहसील-चैनपुर (झारखण्ड) से मोहन यादव साथ में पार्वती खाखा एक क्रांति गीत सुना रहे है:
क्रांति कर नारा गूंजी धरती आसमान से-
पिया सवाल पूछी आंधी तूफान से-
क्रांति कर नारा गूंजी धरती आसमान से-
क्रांति कर बाजी डंका जरे लागिस सोने के लंका-
चमके तलवार जेखन सानू कर मियां से-
क्रांति कर नारा गूंजी धरती आसमान से...
