बापू हमारे आँखों के तारे, छोड़ चले बापू किन के सहारे...देशभक्ति गीत
ग्राम-कुप्पी, पोस्ट-बैजनाथपुर, तहसील-ओड्गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रेशमी सिंह और प्रीति सिंह एक गीत सुना रही हैं :
बापू हमारे आँखों के तारे, छोड़ चले बापू किन के सहारे-
जब मेरे बापू का जनम हुआ तो, फूलों कि वर्षा होने लगी थी-
जब मेरे बापू को गोली लगी थी खूनो कि नदिया बहने लगी थी-
बापू हमारे आँखों के तारे, छोड़ चले बापू किन के सहारे...

