बेल तरी बेलन, बेलन तरी ढ़ोल...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-कोटेया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
बेल तरी बेलन, बेलन तरी ढ़ोल-
ओहू डोंगरी मा, सजन भाई मोर-
जायेन पारही तोला, ले जाही का गा मोला राउ के भईया ओ-
नरवा के तीर में फरे है लाली जाम-
सुते आही मोला संगी लेलेबे मोरे नाम-
बेल तरी बेला बलन तरी ढ़ोल...
