राम चले आगु, लखन चले पाछु, मध्य में चले सीता मैय्या...गीत
ग्राम-कोट्या, प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे है:
राम चले आगु, लखन चले पाछु-
मध्य में चले सीता मय्या-
जंगल के तिड़-तिड़ मेला-
रामजी ला पूछे, रावण कर भौरे-
यही कारण हवे, धनुष कर तोड़े-
राम चले आगु, लखन चले पाछु...
