केन्जा दादा, केन्जा दादा गोंडवाना सगा...गोंडी कविता
जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नेमालाल कुमरा एक गोंडी कविता सुना रहे है:
केन्जा दादा, केन्जा दादा गोंडवाना सगा-
आर्य समाज इगा वाता माट दाकोम बेगा-
गोंडवाना ता पल्लो दादा-
गोंडवाना तोड़ कुन आणता-
बचोय पढ़ी किती गल्ला-
वोड कुन ही आणता-
केन्जा दादा, केन्जा दादा गोंडवाना सगा...
