वनांचल स्वर : जंगल से हमे खाने को तेंदू, छार, महुआ, भेलवा इस तरह के फल मिलते हैं...
आश्रित ग्राम-सुरहित, ग्राम-परमेश्वरपुर, विकासखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रामलाल मरकाम सीजीनेट के गणेश आयाम को बता रहे है कि उनका ग्राम जंगल बीचो बीच बसा हुआ है और उनको जंगल से कई प्रकार के फल मिलते है जलाऊ लकड़ी मिलता है, घर बनाने के लिए लकड़ी मिलता है और सीजन-सीजन में तेंदू, छार, महुआ, भेलवा, इस तरह के फल फूल मिलते है| उनके यहाँ के जंगल में उत्पाती जानवर भी है जैसे 15-20 साल से हाथी परेशान कर रहे हैं, हाथी घरो को गिरा देते है, फसलो का नुकसान बहुत करते है, पहले बन्दर परेशान करते थे पर अब बन्दर नहीं हैं | गणेश आयाम@9753553881.
