5 वी अनुसूची के क्षेत्र में ग्राम सभा को अपने पारम्परिक तरीके से जीने का निर्णय करने का हक़ है...
ग्राम-मेंडालेखा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से देवाजी तोफा बता रहे है 5 वी अनुसूची क्षेत्र में ग्राम सभा को आदिवासी की संस्कृति, समाज व न्याय व्यवस्था एवं जीवन जीने की पद्धति अनुसार जीने का अधिकार मिला है. यह यह सब हमारे पूर्वज, देवी देवता द्वारा पहले ही यह व्यवस्था बना कर दिया गया है|ग्राम सभा के माध्यम से जल, जंगल जमीन पर पूरे गाँव का मालिकाना हक्क है. पूरे देश के जल जंगल जमीन पर स्थाई ग्राम वासियों का अधिकार है अगर अच्छे से ग्राम सभा में प्रस्ताव किया जाये तो सरकार का कुछ भी नही है. अनुसूची क्षेत्र में रहने वाले चाहे वह आदिवासी हो या गैर आदिवासी सबका अधिकार है| यह हमारी आने वाली पीढ़ी को जानना जरुरी है और जागृत होना भी.

