फूलों से नित हंसना सीखो, भंवरों से नित गाना...बाल कविता
ग्राम पंचायत-सेमराकला, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से निशा और सुषमा एक कविता सुना रही हैं:
फूलों से नित हंसना सीखो, भंवरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों से सीखो, मिलना और मिलाना – शीश हवा के झोकों से लो, कोमल भाव बहाना-
दूध तथा पानी से सीखो, मिलना और मिलाना-
सूरज की किरणों से सीखो, जगना और जगाना-
लता और पेड़ों से सीखो, दुःख में धीरज धरना-
दीपक से सीखो, जितना हो सके अन्धेरा-
प्रथ्वी से सीखो प्राणी की, सच्ची सेवा करना-
जल धारा से सीखो, आगे जीवन पथ में बढना...
