मैं 2015 में सरपंच बना हूँ, फिर से चुनाव लड़ना चाहता हूँ, चुनना या न चुनना लोगो के हांथ में है...
ग्राम-बरौल, पंचायत-आमनदौन, पोस्ट-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रामलखन सांडिल्य बता रहे हैं वे 2015 से सरपंच हैं इससे पूर्व तीन पंचवर्षी तक पंच रह चुके हैं, उनका कहना है कि मेरे सरपंच बनने से पहले गाँव में अच्छी सुविधा नहीं थी, लेकिन जब से मै सरपंच बना हूँ, गाँव में एक या दो जगह को छोड़कर सभी जगह पर हैंडपंप की सुविधा है, और लोगो के हित में घर-घर जाकर काम करते हैं, साथ ही गांव में शादी या किसी भी कार्यक्रम में अपने समर्थ के अनुसार मदद भी करते हैं| वे अपने गाँव के विकास के लिए संघर्ष कर रहे हैं, और दोबारा चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं, गाँव में उनका मान सम्मान करते हैं, लोग चाहेंगे तो दोबारा से चुनेंगे| सरपंच@9753314547.

