कोयले से बिजली महंगी: पवन और सौर ऊर्जा का खर्च 2 पिछले दो साल में पचास प्रतिशत घटा है...
भारत के लगभग सभी कोयला संयंत्र, प्रदुषण मात्रा सीमा को पार कर जाते हैं| पुराने कोयला संयंत्रो का नवीनी करण का खर्च ज्यादा होने के कारण घाटा हो रहा है इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक फाईनेसियल एनालिसिस (IEEFA) के अनुसार पवन और सौर ऊर्जा का खर्च 2 पिछले दो साल में पचास प्रतिशत घटा है इसलिए अक्षय ऊर्जा को महत्व दिया जा रहा है, ग्रीन पीस के अनुसार कोयला के जगह सौर और पवन उर्जा के उपयोग कर प्रतिवर्ष बचत किया जा सकता है, इसलिए हमे अक्षय ऊर्जा के तरफ रुख करना चाहिए, भारत के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार कोयला ऊर्जा से चालित बिजली का कीमत बढ़ सकता है इसलिए 24 साल या उससे पुराने कोयला संयंत्रों का नवीनीकरण को बढ़ावा नहीं दे रहा है...
