रक्षाबंधन पर एक कविता...
कच्चे धागे रंग बिरंगे राखी का त्याहार आया है
सावन पूर्णमासी हर बहना के मन को हरसाया है
उसकी बहना भाई की कलाई में राखी बंधती है
मुह मीठा कराती माथे पे मंगल टीका लगाती है
भाई भी खुश होकर बहना को शुभ आशीष देता है
सावन पूर्णमासी हर बहना के मन को हरसाया है
उसकी बहना भाई की कलाई में राखी बंधती है
मुह मीठा कराती माथे पे मंगल टीका लगाती है
भाई भी खुश होकर बहना को शुभ आशीष देता है
विपत्ति में रक्षा करुँगा मन में संकल्प लेता है
राखी का यह पावन पर्व साल भर बाद आता है
भाई बहना का यह पर्व रक्षा बंधन कहलाता है
राखी का महत्व समझाकर करनाबती माई को राखी भेजी थी
यह त्याहार बहुत पुराना इतिहास इसका है साथी
राधू राय
