वनांचल स्वर : बांस की टोकनी बनाकर रोजी रोटी चलाते है, दिन में एक व्यक्ति 2-3 बना लेते हैं...
ग्राम-पलेवा, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) में सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा से बाबूलाल नेटी के साथ में संतराम उइके हैं जो बांस की टोकनी बनाते है और एक दिन 2-3 बना लेते है और एक हफ्ते में 10 से 15 बना लेते है और उसको बाजार में ले जाकर बेचते है और एक टोकनी को लगभग 50 से 70 रू में बेचते है और उसी से अपना रोजी रोटी चलाते है | ये उनके पूर्वज लोग भी बनाते थे तब से परम्परा चली आ रही है | उनके परिवार में कुल तीन लोग है | उनकी सोच है कि अगर सरकार सहायता कर दे तो आगे भी काम करेंगे तो सरकार की सोच होनी चाहिए की उनको बांस उपलब्ध कराये उससे आगे काम कर सके और उनकी रोजी रोटी चल सके : बाबूलाल नेटी@7898022088
