झाड़ू जब तक एक सूत्र में बंधा रहता है, तब तक कचरा साफ करता है...कविता -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह एक कविता सुना रहे है:
झाड़ू जब तक एक सूत्र में बंधा रहता है-
तब तक कचरा साफ करता है-
लेकिन वही झाड़ू बिखर जाती है-
तो खुद कचरा बन जाती है-
इसलिए हमेशा संघटन में बंधे रहे-
बिखर कर कचरा न बने...
