आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : उँगलियों के कतरी (घिनी) रोग का उपचार -
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-गोटुलमुंडा, पोस्ट-तरईगोटिया, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है जहां बाबूलाल नेटी की मुलाक़ात वैद्य घन्सुराम टेकाम जी से हुई है जो उन्हें कतरी की बीमारी के बारे में बता रहे है, कतरी (घिनी) की बीमारी उंगलियों के बीचो बीच होता है इसमें बहुत दर्द होता है, उसके लिए दवाई थुहा है उसको घोलकर लगाना है और उसके खोल को भी उँगलियों में लगा लेना है और उसके दूध को भी लगाना है और उसके खोल को तीन दिन तक लगा कर रखना है उससे वो बीमारी ठीक हो जाएगी | वे बता रहे हैं कि गाँव देहात में यह आम बीमारी है और इस विधि से वे बहुत से रोगियों का उपचार कर चुके हैं इसमें निश्चित ही आराम होता है

