जल जंगल जमीन को बचाना है, धरती मा का करज चुकाना है...धरती गीत -
ग्राम- शंकरपुर, पोस्ट-सुनगरा, थाना-भटगवां, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से श्यामवती श्यामले जल, जंगल, जमीन पर एक गीत सुना रही हैं:
जल जंगल जमीन को बचाना है-
धरती मा का करज चुकाना है-
ऐ हवा, ऐ बैहर, ऐ पवन, ऐ गगन-
सबको अन्न खिलाता है-
धरती माँ कर करेजा ला हेर धरथे-
पूरा कोयला आग जला देता है...
