अगर बच्चे स्कूल नहीं आते तो हम शिक्षक घर-घर बुलाने जाते है और माँ बाप को भी समझाते है...
आयुतुपारा, ग्राम-नेरली, पोस्ट-बचेली, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से महेंद्र उइके के साथ में अंजना शाह शिक्षिका है जो बता रही है कि उनकी नियुक्ति 1998 में हुई थी और उनके स्कूल में 34 बच्चे है और उनके अलावा एक और शिक्षिका है | दो ही शिक्षिका 1 से लेकर 5 तक की कक्षा को पढ़ाते है| शिक्षा विभाग से जो प्रावधान है जैसे ड्रेस, पुस्तक, स्कॉलरशिप बच्चो को मिलता है | मध्यान भोजन भी नियम अनुसार बनता है| शिक्षा का स्तर का अच्छा है बच्चो की अनुपस्थिति बहुत कम है | जो बच्चे नहीं आते है उनको घर-घर बुलाने जाते है और माँ बाप को भी समझाते है कि बच्चो को स्कूल भेजिए| उनके स्कूल में रसोई का कमरा भी बना है | गाँव का पढ़ाई का स्तर अच्छा है| महेंद्र उइके@9575259339.

