किसान स्वर: हम आदिवासी गोबर खाद का ही उपयोग करते हैं, रासायनिक खाद से बीमारी होती है...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-मेटापाल, जिला-दन्तेवाड़ा, (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से रूपलाल मरावी के साथ में गाँव के साथी बिजो जुड़े हैं जो बता रहे हैं कि ये एक किसान हैं खेती में खायसोडी, बड़े धान, कलमल किआ आदि का प्रयोग करते हैं ये उपज के लिए गोबर खाद का ही उपयोग करते हैं इनका कहना है इससे फसल पौष्टिक और शरीर के लिए लाभदायक होते हैं जबकि बाजार में आने वाली रासायनिक खाद जैसे D.A.P यूरिया के प्रयोग से बीमारी होती है इसलिए किसानो को जैविक खाद का उपयोग करना चाहिए | रूपलाल कह रहे हैं सुनने वाले और किसान भाइयों को भी इस भाई से सीख लेना चाहिए और रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं करना चाहिए। रूपलाल@7089415537

