परहित सरिस धर्म नहीं भाई, और पर पीड़ा सम नहिं अधमाई...
ग्राम-रौचन, विकासखंड-बोडला, जिला-कबीरधाम, (छत्तीसगढ़) से अमित साहू रामचरित मानस की चौपाई के माध्यम से सन्देश दे रहे हैं कि हमें दूसरो की पीड़ा को समझना चाहिए जिस प्रकार नदी अपने लिए नही बहती, पेड अपने फल खुद नही खाते, किसी भी काम को करने से पहले अच्छे से विचार कर लेना चाहिए, ये मानव शरीर बहुत ही भाग्य से मिलता है इसलिए हमें अच्छे कर्म करने चाहिए, समाज सेवा में लगाना चाहिये क्योंकि मानव अपने कर्म से ही जाना जाता है |
परहित सरिस धर्म नहीं भाई,
और पर पीड़ा सम नहिं अधमाई
अमित साहू@8964931287.
