आज काल मानुष तन फम्फा जिन्दगी लेकर आये...कविता
ग्राम-देवरी, जिला- सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक कविता सुना रहे हैं :
आज काल मनुष तन फम्फा जिन्दगी लेकर आये-
कुकर खाते-खाते नासा पानी में अपन जीवन ला गवाए-
ये नइ सोचे कि माता पिता केतना मेहनत करे-
आज अपन विपत दुःख ला ये मन नइ डरे-
जिन्दगी जिए बर नइ चाहे-
मरे बर चाहथे – डर लाज भये ये मन-
जीवन ला देहे बर बात करथे...
