बड़ी कठिन बाट आसान, की कही महंगाई हो...बघेली कविता -
जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से फूल कुमारी तिवारी एक बघेली कविता सुना रही है :
बड़ी कठिन बाट आसान, की कही महंगाई हो-
बाबू हमका गाँव ले चला-
घर चलेब त अन्न उगाऊ, करबे खूब किसानी हो-
बाबू हमका गाँव ले चला-
उठ दीन सारे उपरी पाथव, तय दूई ठो रोटी हो-
बाबू हमका गाँव ले चला-
बड़ी कठिन बाट आसान, की कही महंगाई हो...
