गुनिरे पहरे नदिया किनारे चली आवे तीन बजे...सादरी प्रेम गीत -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार सादरी भाषा में एक गीत सुना रहे हैं :
गुनिरे पहरे नदिया किनारे चली आवे तीन बजे-
एक असरा रे एक बुदहरा रे-
चली आवे गुइया मोरे से मिले-
लाल छपर साड़ी तोरे कीं आवे रे-
छुनुर-छुनुर पायल बजाते आवे रे-
गुनिरे पहरे नदिया किनारे चली आवे तीन बजे...
