तरहे रे नाना रे, नाना रे ना बोले सुआ वो...सुआ लोकगीत -
ग्राम-झुझावल, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुखसागर सिंह पावले एक सुआ लोकगीत सुना रहे है:
तरहे रे नाना रे, नाना रे ना बोले सुआ वो-
बोले रे सुआ वो, तरहे रे नाना रे-
हमारे अंगनवा में बिही कुबेर चार तोड़ चले रे प्रदेश-
हमारे अंगनवा में निम्बू कुबेर चार तोड़ चले रे प्रदेश-
हमारे अंगनवा में केला कुबेर चार, तोड़ चले रे प्रदेश-
अरे वो सुआ रे तोड़ चले प्रदेश...
