बेगा मंदाकी नवा अन्दर ता गोला बेगा मंदाकी...गोंडी गीत-
ग्राम-सल्लेया कला, पोस्ट-सावरी बाजार, तहसील-मोहखेड़, जिला-छिन्दवाड़ा (मध्यप्रदेश) से सविता धुर्वे एक गोंडी गीत सुना रही है :
बेगा मंदाकी नवा अन्दर ता गोला बेगा मंदाकी-
संतरा की फूल जो बैठो मोरा जोत-जोत रसीले रे मोरा-
खा लियो संतरा फेक दियो फोतला अदे-अदे-
बेगा मंदाकी नवा अन्दर ता गोला बेगा मंदाकी...
