यान उड़ गया यान उड़ गया, अन्तरिक्ष में यान उड़ गया...कविता
ग्राम-तमनार पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बाल साहित्यकार डॉ. पी एस पुष्प एक कविता सुना रहे है:
यान उड़ गया यान उड़ गया-
अन्तरिक्ष में यान उड़ गया-
चम-चम-चम-चम, चाँदी जैसे-
सर्र-सर्र-सर्र-सर्र यान उड़ गया-
यान उड़, यान उड़-
अन्तरिक्ष में यान उड़ गया-
धरती से ऊपर की दुनिया-
बड़ी सलोनी है रे मुनिया-
वहीं दृश्य दिखलाने हमको-
दूर गगन में यान उड़ गया-
यान उड़, यान उड़-
अन्तरिक्ष में यान उड़ गया...
