बादर हरे घुमर-घुमर बजावत है ढोल...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-तमनार पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बाल साहित्यकार डॉ. पी एस पुष्प एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है:
बादर हरे घुमर-घुमर बजावत है ढोल-
जेकर संग सूरज गलो खेलत है पिबोर-
राय-राय करती रही चुडावत है गाम-
चलो नरुहा पीरे म पाके हवे जाम...
