कुहू-कुहू कर मीठे स्वर में हमें बुलाती कोयल रानी...कोयल गीत
ग्राम-तमनार पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बाल साहित्यकार डॉ पी एस पुष्प एक बाल गीत सुना रहे है:
कुहू-कुहू कर मीठे स्वर में-
हमें बुलाती कोयल रानी-
अमराई में ताल सुरीली-
उसकी लगती बड़ी सुहानी-
फूलो की सोंधी खुशबू में-
चहु दिशा में महकाती है-
रंग, बिरंगे तितली के संग-
फुदक, फुदक कर वह गाती है-
बगिया के सारे पंछी के-
मन को सच मुच हर लेती है-
ऋतुराज के इस मौसम में-
ढेरो खुशिया भर देती है...
