भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ जाकिर हुसैन और स्वच्छता की कहानी-
डॉ जाकिर हुसैन स्वच्छता के ऊपर विशेष ख्याल रखते थे जरा सी गंदगी देखकर उनका मन खट्टा हो जाता था बात उस समय की है जब वो अध्यापक थे उन्होंने देखा कुछ छात्र गंदे और बिना पोलिश किये जूते पहनकर विद्यालय आते थे इससे उन्होंने आदेश दिया कि सभी छात्र पोलिश किये हुए जूते पहनकर ही विद्यालय आये पर उन्होंने दो तीन दिन के बाद उन्होंने गौर किया अधिकांश छात्रो ने उनकी घोषणा पर ध्यान नहीं दिया पहले जैसे ही जूते पहनकर विद्यालय आ रहे थे. छात्रो को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने के लिए डॉ जाकिर हुसैन ने जो कुछ किया और ये दूसरा कोई न करता, वे स्कूल के गेट पर जूते पालिश का सामान लेकर बैठ गए और जिस छात्र का भी जूता गंदा था उसे उतवाकर उसकी पालिश करने लगे. डा पी एस पुष्प@9754793710
