चुमू कहर चुमुक-चुमुक बाजे रे सैया हमर घर आवे...फागुन गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक फागुन गीत सुना रहे है:
चुमू कहर चुमुक-चुमुक बाजे रे सैया हमर घर आवे-
रानकर ला हरा यहाँ उड़कर फहरा यहाँ सैया हमर घर आवे-
गंगा के लहर-लहर दूर के फहर-फहर अब लहर दा रे-
चुमू कहर चुमुक-चुमुक बाजे रे सैया हमर घर आवे...
