तू घबराना नहीं कभी भी- मौत मुड़कर नहीं आती कभी भी...कविता-
तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक कविता सुना रहे है:
तू घबराना नहीं कभी भी-
मौत मुड़कर नहीं आती कभी भी-
तू घबराना नहीं कभी भी-
क्षण भी वापस आती नहीं-
बस स्मृति शेष बनकर रह जाती तो-
तू अपनी पिछली कहानी भूल मत याद रख...
