गोंडवाना हमर संगा समधनी विषम संगा रे...गोंडवाना विवाह गीत
शुभाग राज सेवा ग्राम-बाजरा पोस्ट-पासीपथि थाना-बसंतपुर तहसील-वाड्रफनगर जिला – बलरामपुर छत्तीसगढ़ से एक गीत सुना रहे हैं | वे कह रहे हैं कि गोंडी समाज के धर्म गुरु पहांदी पारी कुपार लिंगो के अनुसार सेमर पेड़ के नीचे 750 डाली को विभक्त किया गया जिसमें एक से सात तक के गोती गोंड समाज के होते हैं और आठ से लेकर 12 गोती वाले पंडो होते हैं. एक ही गोती में शादी नहीं सम-सम की नहीं होगी और विषम-विषम की नहीं होगी. इन्ही को लेकर एक गीत सुना रहे हैं:
गोंडवाना हमर संगा समधनी विषम संगा रे-
सम विषम म शादी होय सम सगा मातृशक्ति...
