नवा साल आ गए पुराना साल गये...नए वर्ष पर कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह पोया नये वर्ष के उपलक्ष्य में एक गीत सुना रहे हैं :
नवा साल आ गए पुराना साल गये-
नवा साल में बढ़िया पुवा रोटी सेवाई पूड़ी बनावा-
खा महुआ हर दिन पीया रे भाई-
पोवा ला खाग्रइ ये पोवा वा महुआ में-
सबका जिन्दगी ला भूल जाइ-
सबका जिन्दगी ला भूल जाइ...
देखा रे भाई नवा साल आइ ,
देखा रे भाई नवा साल आइ |
