जिस दिन समाप्त होगी पुरानी हजार पांच सौ की नोट...नोटबंदी पर कविता
गंगोटिया चाय बगान, ब्लाक कालचीनी, जिला अलीपुर पश्चिम बंगाल से विमल नाग पुराने नोटों पर एक स्वरचित कविता सुना रहे हैं:
जिस दिन समाप्त होगी पुरानी हजार पांच सौ की नोट-
नही रहेगी भारत वर्ष के नागरिको में खोट-
न बरसेगी पैसा और नाही खरीद पाएंगे वोट-
समाप्त होगी काले धन की काली कमाई-
आयेगा एक दिन गरीब मजदूरो का भी समय-
न रहेगी कोई नेताओ का खेल, पूरे भारत वर्ष में रहेंगे हम सब मेल-
ना उच्च-नीच ना भेदभाव, सब प्यार ही प्यार हमरा भारत प्यारा...
