वह चिड़िया जो चोच मार कर दूध भरे जुडी के दाने खा लेती है...बाल कविता
गाँव केरकेट्टा, पोस्ट जोगा, थाना उटारी (झारखण्ड) से अंजनी कुमारी एक कविता सुना रहीं है-
वह चिड़िया जो चोच मार कर दूध भरे जुडी के दाने खा लेती है-
वह छोटी संतोषी चिड़िया नीले पंखो वाली मैं हूँ-
मुझे उनसें बहुत प्यार है-
वह चिड़िया जो चोच मार कर बूढ़े एंव दादा के खातिर रस निकाल कर ले जाती है-
वह छोटी संतोषी चिड़िया नीले पंखो वाली मैं हूँ-
मुझे उनसें बहुत प्यार है-
वह चिड़िया जो चोच मार कर चढ़ी नदी का दिल टटोल कर जल का मोती ले जाती है-
वह छोटी संतोषी चिड़िया नीले पंखो वाली मैं हूँ-
मुझे नदी से बहुत प्यार है...
