जंगल का जब इतिहास लिखा जाएगा तो मेरा नाम आग बुझाने वालों में लिखा जाएगा: चिड़िया की कहानी
बहुत समय पहले की बात है भारत और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के इलाको में ऋषि वाल्मीकि रहां करते थे वो लोगों को ज्ञान की बातें बताया करते थे । उनके शिष्यों के साथ-साथ एक छोटी चिड़िया भी उनके बात को बहुत ही ध्यानपूर्वक सुना करती थी एक बार की बात है की जंगल में आग लग गई और उसको देखकरमनुष्य के साथ साथ जीव जन्तु भी परेशान थे वो इधर उधर भाग रहे थे कुछ समझ में नही आ रहा था पास में नदी भी नही तालाब भी नही था उसके बावजूद एक छोटी चिड़िया दूर से अपने चोंच में पानी भर के लाती और आग पर छिड़कती यह देखकर मनुष्य और पशु ने छोटी चिड़ियाँ से कहा इस भयंकर आग तुम्हारी चोंच से लाया पानी से बुझ जायेगा ? छोटी चिड़ियाँ ने मनुष्य तथा पशु से बड़े विनम्रता पूर्वक कहा किमैं जानता हूं मेरे प्रयास से यह भयंकर आग नहीं बुझेगा परंतु जंगल का जब इतिहास लिखा जाएगा उस वक्त मेरा देखने वालो में नहीं बल्कि बुझाने वाला में होगा. सुनील@9308571702
