सूमरो मैं सरस्वती तोही रे, कंठे में विराजे गंगा मोहि रे...सरगुजिहा गीत
ग्राम पंचायत देवरी, ब्लाक -प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह पोया और साथी एक सरगुजिहा लोकगीत सुना रहे हैं :
सूमरो मैं सरस्वती तोही रे, कंठे में विराजे गंगा मोहि रे-
सूमरों मैं सरस्वती तोही रे, कंठे में विराजे गंगा मोहि रे – काके ला होम जोम, ये देवी ला धोआ ला-
सती ला नरियर सोहे रे, कंठे में विराजे गंगा मोहि रे...
