अफरादक अरपज जखन बना देची...जनवादी गीत-
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार मिथला में एक जनवादी गीत सुना रहे हैं :
अफरादक अरपज जखन बना देची-
मोती में जिनगी हम अपन चारा नैची-
कठिन इहा छे कोनो घर से पज्जा दा-
अंगना में आंगन हम दीप जरा लैची-
मुसकिल ये हमारा लै महा जे परिंदा छै...
