लोहार लड़के की कहानी-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कहानी सुना रहे है, गाँव में एक लोहार का लड़का रहता था, वह बकरी चराता था जंगल में दिनभर रहता था शाम को घर जाता था, एक दिन अचानक पानी आया और नदी में बाढ़ आ गई, लड़का परेशांन हो गया रात भर लोहार का लड़का वहीं परेशान होता रहा. रात भर पेड़ पड़ बैठा रहा और रात भर सोचता रहा गीत के माध्यम से-
कहा पाऊ खाना पिना, कहा डोडा खाना भाई, नहीं दिस आगे की जोत...(सोचे और कहे ) कहा पाऊ खाना पीना, नहीं दिसे आगे की जोत...(तो जंगल में रात में कहा से दिखे जोत, रास्ता बेचारा रात भर लोहार का लड़का जंगल में परेशान होता रहा | कैलाश@9575922217
