रह गेली हम त गमार बज्जिका काहे न सिखओल...बज्जिका भाषा में गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार उस इलाके में बोली जाने वाली बज्जिका भाषा में गीत सुना रहे हैं:
रह गेली हम त गमार बज्जिका काहे न सिखओल-
बज्जिका के करबई श्रृंगार, बज्जिका काहे न पढ़ोओल-
हिन्दी इंगलिश खूब सिखाओल-
सब भाषा के मरम बतोओल-
बज्जिका में करबई बिहार...
भेल जनगणना त मुँह ठिकिअओल-
बुरबक बताह सन घंटी डोलओल-
टैम न गमायब बेकार...
बज्जिका के शब्द अर्थ भाव बड़ा निम्मन-
बड़ा ठीक एकर हय रचना व्याकरण-
एकरा से करब खूब प्यार...
एक बज्जिका हय हमर मातृभाषा-
एकरे से पूरत त सब अभिलाषा-
कर एकर जम के प्रचार...
