जंगल में आमसभा...कविता
ग्राम-भाटाचौक, ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक स्वरचित रचना सुना रहे हैं, जिसका शीर्षक है जंगल में आमसभा:
सामाजिक असंतुलन को संतुलन बनाए रखने के लिए-
पशुओ में एक आमसभा बुलाई गई जिसका कार्यभार-
बन्दर मामा को सौंपा गया सारे पशु आ आकर एकत्रित हुए-
सबको बंदर मामा ने अपने-अपने स्थान पर बैठाया-
उसी समय पर जंगल का राजा शेर अपने दल के साथ आया-
उसके आगमन पर सारे पशु उसके स्वागत के लिए उठ खड़े हुए...
