विचार करी रउवा जरुर कोई बात बा...कविता
साहेबगंज मुझफ्फरपुर बिहार से प्रगतिशील सांस्कृतिक मंच के दूसरे सम्मेलन के अवसर पर कवि महेश ठाकुर कविता सुना रहे हैं:
विचार करी रउवा जरुर कोई बात बा-
कोयल की बोली बोलत बा कऊआ-
जरुर कोई बात बा-
विचार करी रउवा जरुर कोई बात बा-
दुश्मन रहन कहात है रे भईया-
नई आज जुबावन उहे बात है भईया-
मालिक झुआ के दौड़े माघ में खडाऊंआ-
जरुर कोई बात बा-
विचार करी रउवा जरुर कोई बात बा-
कोयल की बोली बोलत बा कऊआ-
जरुर कोई बात बा...
