चोरी भईल चोरी हम्मर माछ के चोरी...मैथिली लोकगीत
मनोज मिश्रा ग्राम-झंझारपुर, जिला-मधुबनी, बिहार से एक मैथिली गीत सुना रहे है:
चोरी भईल चोरी हम्मर माछ के चोरी-
जो पूछ्थिन मुआ का में तोहर बन चोर लागे-
चोरबा अपनी खैर अ हमरा लिलोह डोगे-
भोरे सूतके उठले रही कहले जाऊ दरभंगा-
कल ये सौम खीच के रखिले छिहा तेरे अंगा-
आई अहाँ जब माछ लाई जब भोजत घर में दंगा-
दू सेर एक माछ हमर अ पांच सेर छल मूडा-
अपनों खई तुकनियो खई बच्चो खईल पूरा-
जल्जई हाथ माछ हाथ सम्हर-
बज्बे छे तन गोडा-
रति अलखते-अलखते भोर भागे-
चोरी भईल चोरी हम्मर माछ के चोरी...
