ये बात ज़माना याद रखे, मजदूर हैं हम मजबूर नहीं...
ये बात ज़माना याद रखे, मजदूर हैं हम मजबूर नहीं
चलते हैं मशीनों के चक्के, इन चौडे पुट्ठों के बल से
ये राज़ हमें मालूम मगर, ये हाल हमें मंज़ूर नहीं
ये भूख गरीबी बदहाली, हरगिज़ हमको मंजूर नहीं
ये बात ज़माना याद रखे, मजदूर हैं हम मजबूर नहीं
चलते हैं मशीनों के चक्के, इन चौडे पुट्ठों के बल से
ये राज़ हमें मालूम मगर, ये हाल हमें मंज़ूर नहीं
ये भूख गरीबी बदहाली, हरगिज़ हमको मंजूर नहीं