गरीबी, बेरोज़गारी और नक्सल समस्या सुलझाने की दवा...

मुख्यमंत्री के नाम पत्र

मुख्यमंत्री जी आपसे बिनती है
देश से गरीबी दूर करने
देश से बेरोज़गारी दूर करने
देश से नक्सली खत्म करने
एक दवाई है
देश में श्रम कानून लागू करवा दें
देश में 6 घण्टा काम का शिफ्ट लगा दें
स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन को देश से बाहर फिंकवा दे
देखेंगे सब ठीक हो जाएगा
न गरीबी रहेगा
न बेरोज़गारी रहेगा
न नक्सली रहेगा
सभी कमाएंगे खाएंगे
किसी को बंदूक उठाने का फुरसत नहीं रहेगा

भागीरथी वर्मा

Posted on: Nov 13, 2010. Tags: Bhagirath Verma

कांग्रेस कर्मियों के हुडदंग की निंदा

रायपुर से सुरेन्द्र हंसपाल कह रहे हैं कि पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस कर्मियों ने सारे शहर में हुडदंग मचा रखा है । हम इसकी निंदा करते हैं और इस तरह से शांत माहौल में खलल पहुंचाने के प्रयास को खारिज करते हैं

Posted on: Nov 13, 2010. Tags: Surendra Hanspal

Alleged unnecessary beating of villagers by police in Dantewada

मैं ग्राम बुरगुम ( दन्तेवाडा) से सरपंच उदय कुमार मरकाम बोल रहा हूँ . हमारे गाँव में कोया कमांडो (एस पी ओ) आये और बूढी औरतों बच्चों और गाँव वालों को मारा . तुम लोग नक्सली हो बोल के मारा. हम लोग बोल के देखे कि हम नक्सली नहीं हैं फिर भी हमारी दारु निकाल कर पिए आगनबाडी में घुस कर वहां का चावल कम्बल और साड़ी निकल कर ले गए . तुम लोग ही नक्सली लोगों को पालते हो बोल कर मारे. डोकरा डोकरी लोग को भी मारे. १६०० रुपए भी ले गए . आंगन बाड़ी का ताला तोड़ कर चावल ले गए। ये सब क्या है ?

Posted on: Nov 13, 2010. Tags: DANTEWADA UDAY MARKAM

झारखण्ड के 10 वर्ष क्या खोया, क्या पाया : 15 नवंबर स्थापना दिवस

Jharkhand completes its 10 years of existence on 15th November. It is also the birthday of Birsa Munda, the legendary tribal leader who started the fight for tribal rights and was martyred at the age of 25. Manoj Lakda from Ranchi says that it should not be celebrated just as a day for fun fare but it is also a day to think on how to make Jharkhand for which our ancestors fought, a society which is based on justice and equality.

Posted on: Nov 11, 2010. Tags: Manoj Lakda

सपना मकान का देख रहा है घूरा

सपना मकान का
अपने मकान का
कैसे हो पूरा ?
खाली पेट
लंगोटी बांधे
सोच रहा है घूरा
सोच रहा है घूरा कैसे
कटेगी ये बरसात
पै ताने बैठा है कुत्ता
नहीं छोडता साथ
घर वालों की होती इज़्ज़त

चाहे हों आवारा
बेघर और बेदर को समझे
चोर ज़माना सारा
खाते पीते लोगों को ही
बैंको से मिलता लोन
जिनका कोई नाथ न पगहा
उनके लिए सब मौन
काहे देखे घूरा सपना
काहे दांत निपोरे
कह दो उससे
नंगा बूचा धोये क्या निचोडे
सपना मकान का देख रहा है घूरा

अनवर सुहैल

Posted on: Nov 11, 2010. Tags: Anwar Suhail

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