चाह नहीं मै सुरबाला के गहनों में गुथा जाऊं...कविता-

ग्राम-रक्सा, पोस्ट-फुनगा, थाना-भालूमाडा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या जोगी एक कविता सुना रही हैं:
चाह नहीं मै सुरबाला के गहनों में गुथा जाऊं-
चाह नहीं प्रेमी माला के बिंद प्यारी को ललचाऊ-
चाह नहीं सम्राटो के हे हरी डाला जाऊं-
चाह नहीं देवों के सिर पर चढू भाग्य पर इठलाऊं-
चाह नहीं मै सुरबाला के गहनों में गुथा जाऊं...(AR)

Posted on: Jul 11, 2020. Tags: ANUPPUR DIVYA JOGI MP POEM

बार बार आती है मुझको, मधुर याद बचपन तेरी...कविता-

ग्राम-रक्सा, पोस्ट-फुनगा, थाना-भालूमाडा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या जोगी एक कविता सुना रही हैं:
बार बार आती है मुझको-
मधुर याद बचपन तेरी-
गया ले गया तू जीवन की-
सबसे मस्त खुशी मेरी-
चिंता रहती खेलना कूदना... (AR)

Posted on: Jul 11, 2020. Tags: ANUPPUR DIVYA JOGI MP POEM

पेड़ हमें देता है सब कुछ...कविता-

ग्राम-रक्सा, पोस्ट-फुनगा, थाना-भालूमाडा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या जोगी एक कविता सुना रही हैं:
पेड़ हमें देता है सब कुछ-
हम भी तो कुछ देना सीखें-
सूरज हमें रोशनी देता-
हवा हमें नया जीवन देता है-
भूख मिटाने को सब्जी-
धरती पर होती खेती है... (AR)

Posted on: Jul 11, 2020. Tags: ANUPPUR DIVYA JOGI MP POEM

ऐ मेरी जमी अफ़सोस नहीं...गीत-

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या एक गीत सुना रही हैं:
ऐ मेरी जमी अफ़सोस नहीं-
जो मेरे लिये सौ दर्द सहे-
मह्फूस रहे मेरी आन सदा-
चाहे जान ये मेरी रहे न रहे-
ऐ मेरी जमी अफ़सोस नहीं-
जो मेरे लिये सौ दर्द सहे... (AR)

Posted on: Jul 04, 2020. Tags: ANUPPUR DIWYA JOGI MP SONG

ये कदम्ब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे...कविता-

ग्राम-रक्सा, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या जोगी एक कविता सुना रही हैं:
ये कदम्ब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे-
मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे-
ले देती यदि मुझे बांसुरी तुम दो पैसे वाली-
किसी तरह नीची हो जाती ये कदम्ब की डाली-
तुम्हें नहीं कुछ कहता पर मैं चुपके-चुपके आता-
उस नीची डाली से अम्मा ऊँचे पर चढ़ जाता...

Posted on: Mar 30, 2020. Tags: ANUPPUR DIVYA JOGI MP POEM

View Older Reports »